Punjab and Haryana High Court Decision : पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन लाभ अंशकालिक/अस्थायी/अनुबंधात्मक आधार पर नियमितीकरण 01.01.2006 & विज्ञापन 01.01.2006

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़

​CWP-20263-2024 और अन्य संबंधित मामले

निर्णय की तिथि: 09.07.2026

​माननीय न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़

​प्रस्तावना एवं वर्गीकरण

​सभी पक्षों की सहमति से, उपर्युक्त रिट याचिकाओं को एक साथ सुना गया है और इस साझा निर्णय के माध्यम से इनका निपटारा किया जा रहा है। वर्तमान रिट याचिकाओं के तथ्यों और pleadings पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद, इस अदालत का यह मानना है कि इन मामलों को मोटे तौर पर निम्नलिखित दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है:

श्रेणी I (Category I): इसमें वे मामले शामिल हैं जहाँ याचिकाकर्ता, जिन्हें 01.01.2006 से पहले अंशकालिक (part-time) / अस्थाई (temporary) / संविदात्मक (contractual) आधार पर नियुक्त किया गया था, लेकिन जिनकी सेवाएँ उक्त तिथि के बाद नियमित की गईं, वे पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) के तहत पेंशन लाभ का दावा कर रहे हैं। विशेष रूप से, याचिकाकर्ता अंशकालिक आधार पर दी गई अपनी पिछली सेवा को पेंशन के लिए अर्हक सेवा (qualifying service) के रूप में जोड़ने की मांग कर रहे हैं।

श्रेणी II (Category II): इसमें वे मामले शामिल हैं जहाँ याचिकाकर्ता हरियाणा सरकार द्वारा जारी 08.05.2023 के कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के आधार पर पुरानी पेंशन योजना के तहत लाभ का दावा कर रहे हैं, इस आधार पर कि उन्हें ऐसे पदों/रिक्तियों के विरुद्ध नियुक्त किया गया था जिन्हें नई पेंशन योजना लागू होने से पहले विज्ञापित या अधिसूचित किया गया था।

पक्षों की दलीलें और विश्लेषण

​श्रेणी I के संबंध में (उदाहरण के लिए CWP-20263-2024, ओम प्रकाश बनाम हरियाणा राज्य)

​याचिकाकर्ता को 15.02.2002 को अंशकालिक आधार पर सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्त किया गया था। बाद में 16.05.2016 के आदेश के तहत उनकी सेवाएँ चपरासी के पद पर नियमित कर दी गईं और वे 31.05.2023 को सेवानिवृत्त हुए।

​21 वर्ष से अधिक की सेवा के बावजूद, प्रतिवादियों ने उनकी पूरी सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए पेंशन और उपदान (gratuity) देने से इंकार कर दिया। प्रतिवादियों का तर्क था कि पंजाब सिविल सेवा नियम (PCS Rules) वॉल्यूम-II के नियम 3.17A(g)(iii) के तहत अंशकालिक सेवा को पेंशन लाभ के लिए नहीं गिना जा सकता।

​अदालत का दृष्टिकोण: अदालत ने माना कि 'राज्य बनाम जय भगवान' (LPA-1892-2019) और अन्य फैसलों के मद्देनजर, यदि किसी कर्मचारी ने दो दशक तक बिना किसी रुकावट के लगातार सेवा दी है, तो उसे केवल "अंशकालिक" कहकर उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी माना कि रोजगार की विवशता का फायदा उठाकर राज्य द्वारा ऐसे कर्मचारियों का शोषण नहीं किया जाना चाहिए।

श्रेणी II के संबंध में (उदाहरण के लिए CWP-15498-2025, सुषमा रानी और अन्य)

​हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने 01.07.2005 को जेबीटी (JBT) शिक्षकों के पदों के लिए विज्ञापन निकाला था, जिसे बाद में 23.06.2006 को वापस ले लिया गया। इसके पश्चात, 20.07.2006 को नया विज्ञापन संख्या 6/2006 जारी किया गया। नए विज्ञापन के 'नोट-3' में स्पष्ट किया गया था कि पुराने विज्ञापन के आवेदक पात्र रहेंगे और उनकी पात्रता 01.07.2005 के अनुसार ही मानी जाएगी। याचिकाकर्ताओं ने 2008-2009 के दौरान सेवा ज्वाइन की।

​हरियाणा सरकार ने 08.05.2023 को एक कार्यालय ज्ञापन जारी किया, जिसके तहत उन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में जाने का एक बार का विकल्प (one-time option) दिया गया, जिन्हें 28.10.2005 से पहले विज्ञापित पदों के विरुद्ध नियुक्त किया गया था।

​अदालत का दृष्टिकोण: अदालत ने माना कि चूंकि भर्ती प्रक्रिया 01.07.2005 के विज्ञापन से शुरू हुई थी (जो 28.10.2005 से पहले का है), इसलिए बाद का विज्ञापन उसी प्रक्रिया का विस्तार था। अतः याचिकाकर्ता 08.05.2023 के कार्यालय ज्ञापन के दायरे में आते हैं और पुरानी पेंशन योजना का लाभ पाने के हकदार हैं।

​निष्कर्ष एवं निर्देश

​उपर्युक्त चर्चा और कानूनी स्थिति के मद्देनजर, इन सभी रिट याचिकाओं का निपटारा निम्नलिखित आदेशों के साथ किया जाता है:

​श्रेणी I के मामलों में: पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन लाभ से इनकार करने वाले आदेशों को रद्द किया जाता है। प्रतिवादियों को निर्देश दिए जाते हैं कि वे याचिकाकर्ताओं की नियमितीकरण से पहले की अंशकालिक/अस्थाई/संविदात्मक सेवा को पेंशन के लिए अर्हक सेवा (qualifying service) के रूप में गिनें। साथ ही, इस आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के छह सप्ताह के भीतर एरियर सहित पुरानी पेंशन योजना के तहत उनके पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों को तय करें और जारी करें।

​श्रेणी II के मामलों में: याचिकाकर्ता 08.05.2023 के कार्यालय ज्ञापन के लाभ के हकदार हैं। उन्हें निर्देश दिया जाता है कि वे इस आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के छह सप्ताह के भीतर पुरानी पेंशन योजना में जाने के लिए अपना विकल्प (option) चुनें। विकल्प प्राप्त होने पर, प्रतिवादी अगले छह सप्ताह के भीतर उनके दावों पर कार्रवाई करेंगे और पुरानी पेंशन योजना के तहत उनके वित्तीय एवं सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान सुनिश्चित करेंगे।

​लंबित विविध आवेदन, यदि कोई हों, उनका भी निपटारा किया जाता है।

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